Sunday, 31 May 2015

Hindi galiya

आजकल हमारी रोज़ाना ज़िंदगी में गालियों का प्रयोग इस कदर बढ़ गया है 

कि अब हिंदी के वाक्य


ही बदल गए हैं।




पेश हैं कुछ उदाहरण:












1. पहले: इस काम को मत करो, रिस्क है।




आजकल: अबे बोला न रहने दे, गांड फट जाएगी।






2. पहले: अरे यार डर लगता है, कही फेल न हो जाऊं।








आजकल: यार गांड फटी पड़ी है, रिजल्ट की माँ न चुद जाये।








3. पहले: ये तो होना ही था, किस्मत ही ख़राब है।







आजकल: चुद गयी। जब किस्मत में हों लौड़े, तो कैसे मिले पकौड़े?











4. पहले: भाई गाड़ी धीरे चला, रोड ख़राब है।










आजकल: अबे सड़क की माँ चुदी पड़ी है, तू गाड़ी की क्यों चोद रहा है?









5. पहले: भाई मैंने बोला था न कि ये काम मत करो, रिस्क है।











आजकल: बस मरवा ली, मैंने तो पहले ही कहा था कि उड़ता तीर गांड में मत ले।











6. पहले: मुझे मत समझा, मुझे सब पता है।









आजकल: गांडू, बाप को चोदना मत सिखा।










7. पहले: क्या बात है भाई, उदास क्यों हो?





आजकल: क्या है बे, गांड सा मुँह क्यों बना रखा है?













8. पहले: बार बार परेशान मत कर।







आजकल: बार बार गांड में ऊँगली करना जरूरी है?












9. पहले: दोनों जिगरी दोस्त हैं।








आजकल: अबे दोनों एक गांड से हगते हैं।











10. पहले: बेटा कितना भी बड़ा हो जाये, रहेगा बाप से छोटा ही।












आजकल: आंड कितने भी बड़े हों, रहेंगे तो लण्ड के नीचे ही।










11. पहले: क्या बात है, बॉस के आगे पीछे बहुत घूम रहा है?









आजकल: क्या बात है बे, बॉस के बहुत आंड उठा रहा है?









12. पहले: किसी काम को करने के लिए, खुद में सामर्थ्य होना जरूरी है।













आजकल: गांड मरवाने का शौक हो तो तेल चटाई साथ रखनी चाहिए।














13. पहले: मूर्ख की दोस्ती अच्छी नहीं होती।







आजकल: गांडू की दोस्ती, जी का जंजाल।














14. पहले: लड़की तो मस्त है, पर तुझसे नहीं पटेगी।












आजकल: अबे रहने दे, तेरे जैसों की तो चूचों से गांड मार देती है वो।














15. पहले: तू मेरा बाल भी बांका नहीं कर पायेगा।













आजकल: तेरी गांड में जितना जोर है ना लगा ले, तू मेरी झांट का बाल भी नहीं उखाड़ 
सकता।
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